बौद्ध व जैन धर्म: उत्पत्ति, सिद्धांत, समानताएँ-अंतर और भारतीय इतिहास में योगदान Gk 2026

बौद्ध व जैन धर्म: उत्पत्ति, सिद्धांत, समानताएँ-अंतर और भारतीय इतिहास में योगदान Gk 2026

छठी शताब्दी ईसा पूर्व में भारत में धार्मिक और सामाजिक क्रांति का उदय हुआ। वैदिक कर्मकांडों, यज्ञों और ब्राह्मणवादी प्रभुत्व के विरोध में बौद्ध और जैन धर्म जैसे सरल, नैतिक और अहिंसावादी धर्मों का विकास हुआ, जिन्होंने भारतीय समाज को नई दिशा दी।

बौद्ध व जैन धर्म: Gk 2026


बौद्ध व जैन धर्म: उत्पत्ति, सिद्धांत, समानताएँ-अंतर और भारतीय इतिहास में योगदान (UPSC Notes)

बौद्ध धर्म (Buddhism)

🔹 संस्थापक

  • गौतम बुद्ध (563–483 BCE)
  • जन्म: लुम्बिनी (नेपाल)
  • ज्ञान प्राप्ति: बोधगया
  • प्रथम उपदेश: सारनाथ (धर्मचक्र प्रवर्तन)
  • महापरिनिर्वाण: कुशीनगर

🔹 बौद्ध धर्म के मुख्य सिद्धांत

1️⃣ चार आर्य सत्य

  1. संसार दुःखमय है
  2. दुःख का कारण तृष्णा है
  3. दुःख का निरोध संभव है
  4. अष्टांगिक मार्ग से दुःख का अंत
2️⃣ अष्टांगिक मार्ग

  • सम्यक दृष्टि, संकल्प, वाणी
  • सम्यक कर्मांत, आजीविका
  • सम्यक प्रयास, स्मृति, समाधि
🔹 बौद्ध संघ (Sangha)

  • भिक्षु और भिक्षुणी
  • संघ नियम: विनय पिटक
🔹 बौद्ध साहित्य
त्रिपिटक:

  1. विनय पिटक
  2. सुत्त पिटक
  3. अभिधम्म पिटक
  • भाषा: पाली


🔹 बौद्ध धर्म की विशेषताएँ

  • ईश्वर में विश्वास नहीं
  • अहिंसा और मध्यम मार्ग
  • जाति व्यवस्था का विरोध
  • सरल उपदेश, जनभाषा प्रयोग

☸️ जैन धर्म (Jainism)

🔹 संस्थापक

  • 24वें तीर्थंकर: महावीर स्वामी (599–527 BCE)
  • जन्म: कुंडग्राम (वैशाली)
  • ज्ञान: केवल ज्ञान
  • निर्वाण: पावापुरी

🔹 जैन धर्म के पंच महाव्रत

  1. अहिंसा
  2. सत्य
  3. अस्तेय
  4. ब्रह्मचर्य
  5. अपरिग्रह
👉 अहिंसा जैन धर्म का मूल सिद्धांत है।
🔹 त्रिरत्न (Three Jewels)

  • सम्यक दर्शन
  • सम्यक ज्ञान
  • सम्यक चरित्र

🔹 जैन संघ

  • साधु, साध्वी, श्रावक, श्राविका

🔹 जैन धर्म के संप्रदाय

  • श्वेतांबर
  • दिगंबर

🔹 जैन साहित्य

  • आगम ग्रंथ
  • भाषा: प्राकृत और अर्धमागधी

⚖️ बौद्ध व जैन धर्म: समानताएँ

 
बिंदविवरण
                उदय काल                       6वीं शताब्दी BCE
                कर्मकांड विरोधहाँ
                अहिंसादोनों में
                जाति विरोधदोनों में
                जनभाषापाली/प्राकृत


⚔️ बौद्ध व जैन धर्म: अंतर
विषयबौद्ध धर्मजैन धर्म
संस्थापक    गौतम बुद्ध                   महावीर
आत्मास्थायी आत्मा नहींआत्मा में विश्वास
मार्गमध्यम मार्गकठोर तप
भाषापालीप्राकृत
अहिंसामध्यमअत्यंत कठोर


🌍 भारतीय इतिहास में योगदान

✔ सामाजिक योगदान

  • जातिवाद में कमी
  • नैतिक जीवन पर बल

✔ सांस्कृतिक योगदान

  • स्तूप, विहार, चैत्य
  • सांची, भरहुत, अजंता

✔ राजनीतिक प्रभाव

  • अशोक द्वारा बौद्ध धर्म का प्रसार
  • राजाश्रय से विस्तार

🧠 Exam Smart Line

👉 “अहिंसा जैन की आत्मा, मध्यम मार्ग बुद्ध की पहचान”


📌 Conclusion

बौद्ध और जैन धर्म केवल धार्मिक आंदोलन नहीं थे, बल्कि उन्होंने भारतीय समाज, नैतिकता, कला और राजनीति को गहराई से प्रभावित किया। आज भी इनके सिद्धांत वैश्विक शांति और मानवता के लिए प्रासंगिक हैं।


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