जहाँगीर का इतिहास MCQ सहित | Competitive Exam Notes 2026
जहाँगीर (1605–1627):
मुगल सम्राट जहाँगीर का वास्तविक नाम नूरुद्दीन मुहम्मद सलीम था। वे सम्राट अकबर के पुत्र और मुगल साम्राज्य के चौथे शासक थे। 1605 ई. में अकबर के निधन के बाद जहाँगीर सिंहासन पर बैठे। उनके शासनकाल को अक्सर न्याय, कला-प्रेम और दरबारी राजनीति के संतुलन के रूप में देखा जाता है। जहाँ अकबर ने साम्राज्य की नींव को मज़बूत किया, वहीं जहाँगीर ने प्रशासनिक परंपराओं को निरंतरता दी और सांस्कृतिक उन्नति को बढ़ावा दिया।
प्रारम्भिक जीवन और सत्ता-प्राप्ति
जहाँगीर का जन्म 1569 ई. में हुआ। युवावस्था में ही वे अकबर के शासन में प्रशासनिक कार्यों से जुड़े। हालांकि, अकबर के अंतिम वर्षों में जहाँगीर और दरबार के कुछ अमीरों के बीच मतभेद उभरे। सत्ता-संघर्ष के बावजूद 1605 ई. में वे सम्राट बने और शासन संभालते ही स्थिरता स्थापित करने पर ध्यान दिया।
‘ज़ंजीर-ए-अदल’ और न्याय व्यवस्था
जहाँगीर की पहचान ‘ज़ंजीर-ए-अदल’ (न्याय की जंजीर) से जुड़ी है। यह जंजीर आगरा किले में लगाई गई थी ताकि कोई भी प्रजा-जन सीधे सम्राट तक अपनी फरियाद पहुँचा सके। यह पहल दर्शाती है कि जहाँगीर न्याय को केवल शाही घोषणाओं तक सीमित नहीं रखना चाहते थे, बल्कि उसे व्यवहार में उतारना चाहते थे। इस व्यवस्था ने उनकी छवि को न्यायप्रिय शासक के रूप में सुदृढ़ किया।
प्रशासन और शासन-शैली
जहाँगीर के शासन में प्रशासनिक ढाँचा मुख्यतः अकबर की नीतियों पर आधारित रहा। मनसबदारी व्यवस्था जारी रही और प्रांतों में सूबेदारों की नियुक्ति की गई। उन्होंने कर-प्रणाली में निरंतरता बनाए रखी और स्थानीय अधिकारियों पर निगरानी बढ़ाई। हालांकि, शासन के अंतिम चरणों में दरबारी गुटबंदी और परिवारिक प्रभाव (विशेषकर नूरजहाँ) बढ़ता गया।
नूरजहाँ का प्रभाव
जहाँगीर के जीवन और शासन में नूरजहाँ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। वे न केवल उनकी पत्नी थीं, बल्कि राजनीतिक निर्णयों में भी उनकी भागीदारी उल्लेखनीय थी। सिक्कों पर नूरजहाँ का नाम अंकित होना, फरमानों में उनका हस्तक्षेप और दरबारी नियुक्तियों पर प्रभाव—ये सभी उनके सशक्त स्थान को दर्शाते हैं। इससे मुगल दरबार में महिलाओं की राजनीतिक भूमिका पर भी नई बहसें शुरू हुईं।
कला, संस्कृति और चित्रकला
जहाँगीर कला-प्रेमी शासक थे। उनके समय में मुगल चित्रकला ने नई ऊँचाइयाँ छुईं। प्रकृति, पशु-पक्षियों और दरबारी जीवन के सूक्ष्म चित्रण में विशेष प्रगति हुई। जहाँगीर स्वयं कला की बारीकियों को समझते थे और कलाकारों को संरक्षण देते थे। उनके काल की चित्रकला यथार्थवाद और सौंदर्य का सुंदर संगम मानी जाती है।
साहित्य और आत्मकथा
जहाँगीर ने अपनी आत्मकथा ‘तुज़ुक-ए-जहाँगीरी’ लिखवाई, जिसमें शासन, घटनाओं और व्यक्तिगत विचारों का उल्लेख है। यह ग्रंथ इतिहासकारों के लिए एक महत्वपूर्ण प्राथमिक स्रोत है, क्योंकि इसमें उस समय के सामाजिक-राजनीतिक परिवेश की झलक मिलती है।
धार्मिक नीति
जहाँगीर की धार्मिक नीति अपेक्षाकृत सहिष्णु रही, हालांकि कुछ मामलों में उन्होंने कठोर निर्णय भी लिए। वे विभिन्न धर्मों के विद्वानों से संवाद रखते थे और धार्मिक स्थलों को संरक्षण भी देते थे। उनकी नीति अकबर की उदारता और बाद के काल की कठोरता के बीच संतुलन का उदाहरण मानी जाती है।
विदेश नीति और संबंध
जहाँगीर के शासन में यूरोपीय व्यापारियों, विशेषकर अंग्रेज़ों, का प्रभाव बढ़ा। ईस्ट इंडिया कंपनी को व्यापारिक अनुमति मिली, जिसने आगे चलकर भारतीय इतिहास की दिशा को प्रभावित किया। यह दौर कूटनीतिक संपर्कों और व्यापारिक विस्तार का भी था।
मृत्यु और ऐतिहासिक मूल्यांकन
1627 ई. में जहाँगीर का निधन हुआ। उनके बाद शाहजहाँ सिंहासन पर बैठे। जहाँगीर को इतिहास में न्यायप्रिय, कला-संरक्षक और संतुलित शासक के रूप में याद किया जाता है। उनके शासन ने मुगल साम्राज्य को सांस्कृतिक समृद्धि दी और प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखी।
📚 MCQ (20 प्रश्न) – उत्तर सहित
Q1. जहाँगीर का वास्तविक नाम क्या था?
A) सलीम
B) नूरुद्दीन मुहम्मद सलीम
C) मुहम्मद जहाँगीर
D) शहाबुद्दीन
👉 उत्तर: B
Q2. जहाँगीर किस मुगल सम्राट के पुत्र थे?
A) बाबर
B) हुमायूँ
C) अकबर
D) शाहजहाँ
👉 उत्तर: C
Q3. जहाँगीर ने किस वर्ष सत्ता संभाली?
A) 1598
B) 1605
C) 1610
D) 1620
👉 उत्तर: B
Q4. ‘ज़ंजीर-ए-अदल’ का संबंध किससे है?
A) कर-प्रणाली
B) सैन्य सुधार
C) न्याय व्यवस्था
D) धार्मिक नीति
👉 उत्तर: C
Q5. ‘ज़ंजीर-ए-अदल’ कहाँ स्थापित की गई थी?
A) दिल्ली
B) लाहौर
C) आगरा किला
D) फतेहपुर सीकरी
👉 उत्तर: C
Q6. जहाँगीर की पत्नी और प्रभावशाली रानी कौन थीं?
A) जोधा बाई
B) मुमताज़ महल
C) नूरजहाँ
D) सलीमा सुल्ताना
👉 उत्तर: C
Q7. जहाँगीर के काल में किस कला का विशेष विकास हुआ?
A) स्थापत्य
B) मूर्तिकला
C) चित्रकला
D) नाटक
👉 उत्तर: C
Q8. जहाँगीर की आत्मकथा का नाम क्या है?
A) बाबरनामा
B) अकबरनामा
C) तुज़ुक-ए-जहाँगीरी
D) शाहजहाँनामा
👉 उत्तर: C
Q9. यूरोपीय व्यापारियों में सबसे अधिक प्रभाव किसका बढ़ा?
A) पुर्तगाली
B) फ्रांसीसी
C) अंग्रेज़
D) डच
👉 उत्तर: C
Q10. जहाँगीर की धार्मिक नीति कैसी थी?
A) अत्यंत कठोर
B) पूर्णतः उदार
C) संतुलित
D) केवल इस्लामिक
👉 उत्तर: C
Q11. जहाँगीर के बाद कौन सम्राट बना?
A) दारा शिकोह
B) औरंगज़ेब
C) शाहजहाँ
D) जहाँदार शाह
👉 उत्तर: C
Q12. जहाँगीर के शासनकाल की प्रमुख विशेषता क्या थी?
A) विशाल विजय
B) प्रशासनिक निरंतरता
C) धार्मिक युद्ध
D) साम्राज्य विस्तार
👉 उत्तर: B
Q13. नूरजहाँ का प्रभाव किस क्षेत्र में था?
A) केवल कला
B) केवल धर्म
C) राजनीति और प्रशासन
D) केवल सैन्य
👉 उत्तर: C
Q14. जहाँगीर का शासन किस काल से संबंधित है?
A) 1526–1530
B) 1530–1540
C) 1605–1627
D) 1628–1658
👉 उत्तर: C
Q15. ‘तुज़ुक-ए-जहाँगीरी’ किस प्रकार का स्रोत है?
A) द्वितीयक
B) साहित्यिक
C) प्राथमिक
D) विदेशी
👉 उत्तर: C
Q16. जहाँगीर किस विषय में विशेष रुचि रखते थे?
A) विज्ञान
B) खगोल
C) कला और प्रकृति
D) गणित
👉 उत्तर: C
Q17. जहाँगीर के समय मुगल प्रशासन किस पर आधारित था?
A) बाबर की नीतियाँ
B) हुमायूँ की नीतियाँ
C) अकबर की नीतियाँ
D) शाहजहाँ की नीतियाँ
👉 उत्तर: C
Q18. जहाँगीर का ऐतिहासिक मूल्यांकन कैसा है?
A) कठोर शासक
B) न्यायप्रिय और कला-प्रेमी
C) असफल शासक
D) युद्धप्रिय
👉 उत्तर: B
Q19. ‘ज़ंजीर-ए-अदल’ का उद्देश्य क्या था?
A) कर वसूली
B) सैन्य भर्ती
C) जनता की सीधी सुनवाई
D) धार्मिक प्रचार
👉 उत्तर: C
Q20. जहाँगीर की मृत्यु किस वर्ष हुई?
A) 1625
B) 1627
C) 1630
D) 1635
👉 उत्तर: B

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